दार्जिलिंग घूमने का बना रहे हैं प्लान? जानिए 'पहाड़ों की रानी' के प्रमुख पर्यटक स्थल, मौसम और पहुंचने की पूरी जानकारी

  • Sumit Nirwal

दार्जिलिंग घूमने का बना रहे हैं प्लान? जानिए 'पहाड़ों की रानी' के प्रमुख पर्यटक स्थल, मौसम और पहुंचने की पूरी जानकारी

अगर आप दार्जिलिंग में घूमने की जगहों की तलाश कर रहे हैं, तो टाइगर हिल, बतासिया लूप और टॉय ट्रेन को अपनी यात्रा सूची में जरूर शामिल करें।

समुद्र तल से लगभग 6,710 फीट की ऊंचाई पर स्थित दार्जिलिंग दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा स्थल रहा है। ब्रिटिश शासन के दौरान भी भीषण गर्मी से बचने के लिए ब्रिटिश वायसराय इस खूबसूरत हिल स्टेशन का रुख करते थे। औपनिवेशिक विरासत और पर्वतीय वातावरण का अनोखा संगम इस जगह को बेहद खास बनाता है। कंचनजंगा पर्वत का विहंगम दृश्य, फैले हुए चाय बागान और बौद्ध मठ यहां के पर्यटन का मुख्य आकर्षण हैं।

दार्जिलिंग घूमने का सबसे अच्छा समय और मौसम

दार्जिलिंग का मौसम पूरे साल सुहावना रहता है। हालांकि, यहां घूमने के लिए वसंत और शरद ऋतु को सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस दौरान खिलते हुए रोडोडेंड्रोन के फूल और साफ नीला आसमान दार्जिलिंग की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं।

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दार्जिलिंग में घूमने की जगहें और प्रमुख पर्यटन स्थल

यदि आप दार्जिलिंग की यात्रा पर जा रहे हैं, तो टाइगर हिल जाना न भूलें। शहर से लगभग 11 किलोमीटर दूर 8,482 फीट की ऊंचाई पर स्थित टाइगर हिल सुबह के सूर्योदय और कांचनजंगा की चोटियों पर पड़ने वाली सूरज की पहली किरणों के दृश्य के लिए विश्व प्रसिद्ध है। तड़के 4 बजे से ही पर्यटक यहां जुटने लगते हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां एक वेधशाला (ऑब्जर्वेटरी डेक) का निर्माण भी किया गया है।

दार्जिलिंग से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित बतासिया लूप भी आकर्षण का केंद्र है। यह दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का एक वृत्ताकार ट्रैक है, जिसे खिलौना गाड़ी (टॉय ट्रेन) की ढलान को आसान बनाने के लिए बनाया गया था। 50,000 वर्ग फुट में फैले सुंदर बगीचे के केंद्र में एक युद्ध स्मारक (वॉर मेमोरियल) भी है, जो आजादी के बाद देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले गोरखा सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है।

वन्यजीव और एडवेंचर प्रेमियों के लिए पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क (दार्जिलिंग चिड़ियाघर) और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI) एक बेहतरीन जगह है। 1958 में स्थापित यह चिड़ियाघर 7,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित भारत का सबसे बड़ा उच्च-ऊंचाई वाला चिड़ियाघर है, जहां रेड पांडा, स्नो लेपर्ड, साइबेरियन टाइगर और तिब्बती भेड़िया जैसी दुर्लभ प्रजातियां संरक्षित हैं। इसी परिसर में 1954 में स्थापित HMI स्थित है, जहां 1953 में एवरेस्ट फतह करने वाले तेनजिंग नोर्गे और सर एडमंड हिलेरी द्वारा उपयोग किए गए उपकरण प्रदर्शित हैं।

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रेलमार्ग प्रेमियों के लिए घूम रेलवे स्टेशन एक विशेष आकर्षण है। 2,258 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह भारत का सबसे ऊंचा और दुनिया का 14वां सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन है। यहां स्थित घूम संग्रहालय में यूनेस्को विश्व धरोहर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का इतिहास देखा जा सकता है। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से 1850 में मंगोलियाई भिक्षु लामा शेरपा ग्याल्त्सो द्वारा निर्मित घूम मठ (यिगा चोलिंग) और 1915 में निर्मित शाक्य गुरु मठ बेहद खास हैं। घूम मठ में 15 फीट ऊंची मैत्रेय बुद्ध की मूर्ति स्थापित है।

शहर के केंद्र में स्थित दार्जिलिंग मॉल (चौरास्ता) खरीदारी और टहलने के लिए प्रसिद्ध है। इसके पीछे स्थित ऑब्जर्वेटरी हिल पर ऐतिहासिक महाकाल मंदिर है, जहां से शहर और कंचनजंगा का खूबसूरत नजारा दिखता है। इसके अलावा 1980 के दशक में विकसित किया गया रॉक गार्डन, जो चुन्नू समर फॉल्स के चारों ओर बना है, और सिंगामारी से चलने वाली दार्जिलिंग रोपवे (रंगीत वैली पैसेंजर केबल) भी पर्यटकों को बहुत लुभाती है।

दार्जिलिंग कैसे पहुंचें: ट्रेन, फ्लाइट और सड़क मार्ग

दार्जिलिंग पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा बागडोगरा है, जो लगभग 90 किलोमीटर दूर है और कोलकाता, दिल्ली तथा गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा है। निकटतम बड़ा रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) है, जो 62 किलोमीटर की दूरी पर है। न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग के लिए टॉय ट्रेन भी चलती है, जिसमें लगभग 7 घंटे का समय लगता है। सड़क मार्ग से दार्जिलिंग सिलीगुड़ी से लगभग 70 किलोमीटर दूर है और कुरसेओंग तथा कलिम्पोंग से भी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।