पहाड़ों की खूबसरती और हरियाली वन के लिए प्रसिद्ध पुरुलिया, एक बार घूमने जरूर जाएं

भारत के पश्चिम बंगाल राज्य का जिला पुरुलिया पर्यटन पुरातत्व खनन की स्मृतियों से भरपूर है। पुरुलिया में मौजूद पहाड़ियां,जंगल पुरातत्व,उत्खनन प्राचीन इमारतें मंदिरों के अवशेष आदि पुरुलिया की खूबसूरती को बिखेरता है। पश्चिम बंगाल के पश्चिमी सीमा पर स्थित पुरुलिया मीठे पानी के झीलों के लिए भी जाना जाता है। पुरुलिया पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आस्था के लिए भी प्रचलित है। पुर्लिया में कई आदिवासी समुदायों का घर भी है जिसमें संथाली कुर्मिया खेरिया सवारों आदि प्रसिद्ध आदिवासी समुदाय यहां पर निवास करते हैं। प्राचीन ऊंची इमारतों और पहाड़ों के बीच बसा यह पुरुलिया पर्यटन के लिए समूचे भारत में जाना जाता है। पुरुलिया का प्राकृतिक सौंदर्य का चुंबकीय बल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। पुर्लिया अपने त्योहारों के लिए भी जाना जाता है जिसमें दुर्गा पूजा और काली पूजा जैसे  त्योहार बड़े ही धूम धाम से मनाये जाते हैं और दिवाली के दिन पूरे घर को दुल्हन की तरह  फूलों से सजाया जाता है। आइए अब आपको बताते हैं पुरुलिया के कुछ पर्यटन क्षेत्र जहां जाकर आप आनंद का लुत्फ़ उठा सकते हैं।

बरंती जलाशय/मुरारी झील
पुरुलिया के मशहूर पर्यटन स्थानों में से एक मुरारी झील लोगों को अपने खूबसूरती और हरियाली के आकर्षण आकर्षित कर लेती है। मुरारी झील शांति के लिए विख्यात है यहा शांत रूप से बहने वाली झीलें आकर्षण का केंद्र बनी रहती हैं। मुरारी झील राहर ग्रामीण इलाके में स्थित है। जहां चारों ओर घने पहाड़ अपने ऊंचाइयों के आकर्षण से लोगों का ध्यान अपने और केंद्रित कर लेते हैं। मुराली झील के घने जंगल और पेड़ पौधे अपनी हरियाली से इस झील को सुसज्जित कर देते हैं। शांति की तलाश में निकले लोग यहा 6-7 घंटे शांति में जीवन व्यतीत कर सकते हैं साथ ही जलाशय,झील,पहाड़,हरियाली का लुत्फ़ उठा सकते हैं।

अयोध्या
पुरुलिया से 42 कीमी दूर स्थित अयोध्या प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। समुद्री तल से 700 मीटर ऊपर स्थित अयोध्या शुद्ध हवा, सुन्दर हरियाली, ताजे पानी के झरने से मनोहारी दृश्य का ढांचा तैयार करता है। अयोध्या मे लकड़ी के पहाड़ होने के कारण ये आकर्षण का विशेष केंद्र बना है और यही अयोध्या की सबसे बड़ी खूबसूरती है। अयोध्या पर्यटन के लिए एक चुनौती भी है,क्योंकि यहां का आकर्षण पर्वतारोहण है। यहां की सबसे अच्छी गतिविधि रॉक क्लाइम्बिंग और पर्वतारोहण है। सड़क से पहाड़ तक जाने के बीच पहाड़ों का आकर्षण देख के लोग उसकी तस्वीर कैमरे में कैद करने से खुद को नहीं रोक पाते। पुरुलिया का यह मनोहारी दृश्य चुनौतियों के साथ साथ आनंद और आकर्षण का केंद्र है।

गजबुरु हिल्स
पुरुलिया के प्रसिद्ध स्थानों में से एक गजबूरु हिल्स रॉक क्लाइम्बिंग के लिए स्वर्ग के खूबसूरती से तुलनात्मक है। गजबुरु ढलान कठिन खुरदुरा तथा सख्त है। गजबुरु हिल्स पर आयोजित प्राकृतिक शिविर यहां आस पास के इलाके की खूबसूरती को बयां करता है। पिकनिक के दौरान रोमांचक जगहों की तलाशने में निकले पर्यटकों का गजबुरु हिल्स स्वागत की साथ साथ चुनौती प्रदान करता है। गजबुरु हिल्स की प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ियों की खूबसूरती पर्यटकों का मन मोह लेते हैं उनकी यह आकर्षण छवि लोगों के आनंद में चार चाँद लगा देते हैं।

सुरुलिया
पुरुलिया मे स्थित सुरुलिया लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। सरुलिया अपने वन के हरियाली के कारण प्रसिद्ध है। सुरुलिया को वन विभाग द्वारा विकसित किया गया है। ईको पर्यटन की तलाश में निकले पर्यटकों की यहां पर तलाश पूरी हो जाती है। सुरुलिया मुख्य शहर से 6 km दूर है। कंगाबाती नदी के किनारे स्थित सुरुलिया वन पर्यटन के लिए जाना जाता है। हिरन पार्क और पर्यटन कुटीर सुरुलिया के पर्यटन में का मुख्य आकर्षण है।

गरपंचकोट
पुरुलिया के आकर्षण केंद्रों में से एक गरपंचकोट पंचेत पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। खंडहर का किला गरपंचकोट का मुख्य आकर्षित स्थान है। शांति का संदेश लिए गरपंचकोट हाल ही के दिनों में एक लोकप्रिय स्थान बन गया। शांति की तलाश में निकले पर्यटको का यहा तलाश पूरी हो जाती है। शक्तिशाली पहाड़ियों की पृष्ठभूमि के साथ-साथ यहां प्राकृतिक सुंदरता का भी अवलोकन किया जा सकता है। यहाँ किले के अलावा पहाड़ियों के शीर्ष पर एक खूबसूरत और आकर्षक मंदिर है,जहां लोग आस्था और विश्वास से माथा टेकते हैं। गरपंचकोट फोटोग्राफी के शौक़ीन, प्रकृति प्रेमी के द्वारा अधिक पसंद किया जाता है। गरपंचकोट लोकप्रिय पहाड़ों की सुंदरता, प्राकृतिक सुंदरता, खंडहर किले, आस्था का प्रतीक मंदिरों, अवशेषो के लिए प्रचलित है।