Rishikesh Travel: गंगा आरती से Rafting तक, ये हैं घूमने की Best Places और Activities

हर किसी को घूमने-फिरने का बहुत शौक होता है। पिछले कुछ सालों में उत्तराखंड का ऋषिकेश Gen-Z के बीच काफी ज्यादा पॉपुलर हो गया है। गंगा नदी के सामने बैठकर सुकून भरे पल बिताने हों या फिर यहां की सुबह और शाम को गंगा आरती देखना हो। एडवेंचर एक्टिविटी में हिस्सा क्यों न लेना हो, ऋषिकेश में आपको यह सबकुछ देखने को मिलता है। कुल मिलाकर ऋषिकेश में सुकून भरा माहौल देखने को मिलता है।

जिस तरह से बनारस की सुबह लोगों को खूब पसंद आती है। ठीक उसी तरह ऋषिकेश की शाम लोगों को पॉजिटिविटी से भर देती है। जैसे ही सूरज ढलता है, गंगा किनारे का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। ऋषिकेश में आरती की आवाजें, शाम के समय ठंडी हवा और जलते हुए दीपकों की रोशनी से मन को सुकून देने का काम करती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप ऋषिकेश में गंगा आरती कहां-कहां देख सकती हैं।

त्रिवेणी घाट

ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट शाम के समय सबसे ज्यादा खूबसूरत नजर आता है। यहां हर रोज शाम को गंगा आरती होती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। जैसे ही आरती शुरू होती है, पूरे घाट पर घंटियों की आवाज गूंजने लगती है। इस दौरान यहां का माहौल ही एकदम अलग होता है।

शाम को होती है आरती

ऋषिकेश में गर्मियों में शाम को 7 बजे गंगा आरती होती है। लेकिन प्रयास करें कि आधे एक घंटे पहले यहां पहुंच जाएं, जिससे कि आपको बैठने की जगह मिल जाएगी। आरती के दौरान मंत्रों के उच्चारण से मन को सुकून मिलता है। जब लोग गंगा में दीपदान करते हैं, तो इसकी दिव्यता और खूबसूरती देखने लायक होती है।

त्र‍िवेणी घाट

मायाकुंड के पास त्रिवेणी घाट स्थित है। आप यहां पर ई -रिक्शा या ऑटो से भी आ सकती हैं। अगर आप जून के महीने में यहां जा रही हैं, तो प्रयास करें कि सुबह और शाम के समय यहां जाएं। इस दौरान यहां मौसम सही रहता है। 

परमार्थ निकेतन की गंगा आरती

ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन की शाम भी काफी ज्यादा फेमस है। भगवान शिव के भक्त यहां पर जरूर आते हैं। यहां होने वाली गंगा आरती दुनियाभर के लोगों को अपनी ओर खींचती है। यहां पर हर रोज सनसेट के बाद आरती होती है और इसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। लोगों को यहां पर गंगा किनारे बैठकर भजन और मंत्रों को सुनना काफी पसंद है।

पुजारी लेते हैं ह‍िस्‍सा

आरती में कई पुजारी हिस्सा लेते हैं, वहीं परमार्थ आश्रम में जो लोग वेदों की पढ़ाई कर रहे हैं। उनको भी गंगा आरती करने का सुनहरा मौका मिलता है। इस दौरान आप लोगों को भक्ति में झूमते देख सकते हैं। लोग गंगा घाट के किनारे सीढ़ियों पर बैठे नजर आते हैं।

परमार्थ निकेतन

अगर आप परमार्थ निकेतन आना चाहती हैं, तो आप यहां पर ऑटो या टैक्सी से जा सकती हैं। यह जगह राम झूला से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। गंगा किनारे बसे परमार्थ निकेतन की खूबसूरती को निहारने के लिए दुनियाभर से लोग यहां पर आते हैं।

ऋषिकेश में खास

ऋषिकेश में शाम के समय सिर्फ आरती ही नहीं बल्कि घाटों के आसपास संगीत और भजन का भी माहौल रहता है। कहीं शंख की आवाज सुनाई देती है तो कहीं लोग ध्यान लगाकर बैठे हुए नजर आते हैं। यही कारण है कि बाकी जगहों से ऋषिकेश सबसे अलग होती है।

इन जगहों पर भी घूमें

बीटल्स आश्रम गंगा नदी के पास स्थित है। यह जगह घूमने के लिए बेस्ट है। जो भी ऋषिकेश आता है, उनको यह जगह काफी पसंद आती है। इसको चौरासी कुटिया भी कहा जाता है। आप चाहें तो यहां पर फोटोग्राफी भी कर सकती हैं।

कोठली भेल ट्रैक एक एडवेंचरस ट्रेक है। इसकी खासियत यह है कि यहां पर आपको ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिलेगी। नेचर लवर्स को यह जगह खूब पसंद आती है। इस ट्रेक पर आपको घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और खूबसूरत व्यू पॉइंट्स देखने को मिलेंगे।

यहां की जानकी सेतु भी एक पसंदीदा जगह है। रात के समय यहां का नजारा देखने लायक होता है। रात के समय जानकी सेतु की लाइटिंग काफी खूबसूरत है और हर कोई यहां फोटो क्लिक कराने जरूर आता है।

जेन जी को भी गोवा बीच भी काफी पसंद आता है। यह एक फेमस रिलैक्सिंग स्पॉट है और सुबह व शाम के समय यहां पर लोगों की भीड़ देखने को मिलती है।

एडवेंचर का लुत्फ लें

अगर आप ऋषिकेश आ रही हैं और एडवेंचर स्पोर्ट्स में हिस्सा न लें, ऐसा नहीं हो सकता है। ऋषिकेश में गंगा राफ्टिंग का अपना ही मजा होती है। नदी में पानी के तेज बहाव में लोगों को डर तो लगता है, लेकिन मजा भी बहुत आता है।

बंजी जंपिंग

अधिकतर जेन-जी बंजी जंपिंग के लिए जाते हैं। वहीं यह एक्टिविटी धीरे-धीरे बुजुर्गों को काफी पसंद आती है। सोशल मीडिया पर आए दिन रील्स वायरल होती है। आप शिवपुरी जाकर बंजी जंपिंग का मजा ले सकती हैं।

स्ट्रीट फूड का मजा भी लें

गरमा-गरम जलेबी
राजमा-चावल
कचौड़ी
छोले-भठूरे
समोसे
नूडल्स
मोमोज
बर्गर
चाप
छोले कुलचे

इन बातों का रखें खास ध्यान

घाटों की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
गंगा के किनारे ज्यादा आगे न जाएं।
भीड़ में अपने सामान का खुद ख्यान रखें।
गंगा आरती के दौरान शांति बनाए रखें।