Tamil Nadu के Kodaikanal में लेक से लेकर वॉटरफॉल तक, घूमने के लिए बेस्ट है ये Hill Station

  • अनन्या मिश्रा

Tamil Nadu के Kodaikanal में लेक से लेकर वॉटरफॉल तक, घूमने के लिए बेस्ट है ये Hill Station

जब भी पहाड़ों पर घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का नाम लेते हैं। लेकिन इन जगहों पर तो लगभग हर कोई घूम चुका है। वहीं साउथ इंडिया के कई खूबसूरत हिस स्टेशंस पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसा की एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन कोडाइकनाल है। जोकि तमिलनाडु में है और इसको 'प्रिंसेस ऑफ हिल स्टेशंस' यानी की पहाड़ों की राजकुमारी कहते हैं।

यहां पर दूर-दूर तक फैली हरियाली और खूबसूरती लोगों का मन मोह लेती है। यहां पर आपको कोडाई लेक से लेकर डॉल्‍फ‍िन्‍स नोज, पाइन फॉरेस्‍ट, कोकर्स वॉक और कई खूबसूरत वॉटरफाल्‍स तक एक्सप्लोर करने को मिलेंगे।

क्यों कहा जाता है 'प्रिंसेस ऑफ हिल स्टेशंस'

तमिलनाडु के पलानी हिल्स के ऊपरी हिस्से में करीब 2,133 मीटर की ऊंचाई पर कोडाइकनाल बसा है। यहां के पहाड़, मौसम, पहाड़ों पर छाई धुंध, झील, झरने और हरी-भरी वादियां इस जगह को बेहद खूबसूरत बनाती हैं। एक जगह पर इतनी खूबसूरती होने की वजह से इसको 'प्रिंसेस ऑफ हिल स्टेशंस' कहा जाता है। कोडाइकनाल नाम का मतलब जंगलों का तोहफा होता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।

कोडाइकनाल का इतिहास

साल 1845 में ब्रिटिश ऑफ‍िसर्स और ईसाई मिशनरियों ने कोडाइकनाल बनाने की शुरुआत की थी। अंग्रेजों के समय में वह लोग यहां पर छुट्टियां बिताने के लिए आते थे। लेकिन यह जगह सिर्फ अंग्रेजों तक सीमित नहीं है। पुराने 'साहित्य संगम' में भी इस जगह का जिक्र मिलता है। जिससे यह जानकारी मिलती है यह जगह सदियों पुरानी है।

कोडाइकनाल में कहां घूमें

कोडाई झील

यह यहां की सबसे बड़ी खूबसूरत झील है। इसको कोडाइकनाल और कोडाई झील भी कहा जाता है। यह मैनमेड लेक है और कोडाइकनाम शहर के बीचो बीच है। इस झील के चारों ओर पलानी हिल्स का खूबसूरत नजारा देख सकती हैं।

कोकर्स वॉक

अगर आपको भी पहाड़ों पर पैदल वॉक करना पसंद है, तो आपको कोकर्स वॉक जरूर आना चाहिए। यह करीह 1 किमी लंबा वॉकिंग एरिया है, जो पहाड़ों के किनारे बनाया गया है। साल 1872 में इसको लेफ्टिनेंट कोकर ने बनवाया था। यहां से आसपास वैली और पहाड़ों के बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे।

डॉल्फिन्स नोज

यहां चट्टान का एक हिस्सा दूर से डॉल्फिन की नाम जैसा दिखता है। इस कारण इस जगह का नाम डॉल्फिन्स नोज पड़ गया। यहां पहुंचने के लिए करीब 3 किमी की ट्रेकिंग करनी पड़ती है। रास्ते में आपको चट्टानों और पाइन के पेड़ों के बीच से जाना होगा।

ग्रीन वैली व्यू

इसको पहले सुसाइड पॉइंट कहा जाता था। यहां से नीचे देखने पर पहाड़ों के नजारे और वैली दिखेगी, जोकि काफी खूबसूरत दिखते हैं। यहां से आप वैगई डैम का नजारा भी देख सकती हैं।

बेयर शोला फॉल्स

अगर आपको भी वॉटरफॉल्स देखना पसंद है, तो आपको बेयर शोला फॉल्स आना चाहिए। यह कोडाइकनाल लेक से करीब 2 किमी दूर है। मानसून में यहां पर पानी का फ्लो काफी ज्यादा बढ़ जाता है। जिससे इस जगह की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। बताया जाता है कि यहां पर पहले एक भालू पानी पीने के लिए आता है, इस कारण से इसका नाम बेयर शोला फॉल्स पड़ गया।

पाइन फॉरेस्ट

लंबे-लंबे पाइन के पेड़ों के बीच घूमने का एक्सपीरियंस काफी मजेदार हो सकता है। यह जगह फोटो क्‍ल‍िक करवाने और नेचर के बीच समय बिताने के लिए बेस्ट है। यहां पर कई साउथ इंडियन फिल्मों की शूटिंग भी हुई है।

गूना केव्स

इसको डेविल्स किचन भी कहा जाता है। यहां पर तीन बड़ी चट्टानों के बीच कई गुफाएं हैं। जगह की चट्टानी बनावट और पेड़ों से बाहर निकली जड़ें यहां की खासियत हैं।

बेरिजम झील

अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर सुकून के पल बिताना चाहती हैं, तो आपको बेरिजम लेक जाना चाहिए। यह जंगल वाले इलाके में है और आपको यहां जाने के लिए जंगलों के बीच से होकर जाना होगा। इसके लिए आपको जिला वन कार्यालय से परमिट लेना हो सकता है।

कोडाइकनाल में क्या करें

आप कोडाइकनाल घूमने के दौरान यहां पर कुछ एक्टिविटी भी कर सकती हैं।

आप यहां पर बेयर शोला फॉल्स, डॉल्फिन्स नोज, पिलर रॉक्स और डेविल्स किचन जैसे रास्तों पर ट्रेकिंग कर सकती हैं।

वहीं कुछ जगहों पर प्लांटेशन और जंगल वाले इलाकों में आप नाइट सफारी का लुत्फ भी उठा सकती हैं।

पाइन फॉरेस्ट में वॉक कर पेड़ों के बीच टाइम स्पेंड कर सकती हैं।

वहीं आसमान और अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वालों के लिए सोलर ऑब्जर्वेटरी एक खास जगह है। यह जगह कोडाई लेक से करीब 4.9 किमी दूर है।

ऐसे पहुंचे दिल्ली से कोडाइकनाल

अगर आप फ्लाइट से यहां जाना चाहती हैं तो सबसे नजदीकी नियमित फ्लाइट कनेक्टिविटी वाला एयरपोर्ट मदुरै है। यह कोडाइकनाल से करीब 120-134 किमी दूर है। इसके अलावा त्रिची एयरपोर्ट भी है, जो करीब 150 किमी है। यहां आप बस या कैब से आगे जा सकती हैं।

वहीं ट्रेन से जाने पर पलानी रेलवे स्टेशन सही रहेगा, यह कोडाइकनाल से करीब 64 किमी दूर है। यहां से कोडाइकनाम जाने के लिए आपको कई ऑप्शन मिल जाएंगे।

सड़क मार्ग से जाने के लिए आपको कोयंबटूर, पलानी, मदुरै, डिंडीगुल, ऊटी जैसी जगहों से बस कनेक्टिविटी मिलती है।