खूबसूरत वादियों में खोने का बेहतरीन अनुभव दिलाता है हिमाचल प्रदेश का शहर भुंतर एक बार जरूर जाए

  • प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क

खूबसूरत वादियों में खोने का बेहतरीन अनुभव दिलाता है हिमाचल प्रदेश का शहर भुंतर एक बार जरूर जाए
हर व्यक्ति के जीवन का एक उसूल होता है।कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जिनके जीवन में प्राकृतिक परिदृश्य को निहारना प्रथम प्राथमिकता होती है। प्रकृति की गोद में स्थित स्थानों का दीदार करना हर किसी की चाहत होती है।भारत देश प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास है। यहां एक से एक सुनहरे,मनमोहक नजारे देखने को मिलते हैं।भुंतर इन्हीं स्थानों में से हिमाचल प्रदेश का मनमोहक नजारों वाला का एक खूबसूरत स्थान है। यह स्थान लोकप्रिय शहर कुल्लू और मनाली के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।इन लोकप्रिय शहरों से भुंतर की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। भुंतर में हरे भरे वातावरण,वनस्पतियों और जीवों को देखने का खूबसूरत स्थान है।

भुंतर में प्राकृतिक खूबसूरती के साथ साथ आस्था के कई  पर्यटक स्थल भी हैं। यहां के सबसे खूबसूरत मंदिरों में जगन्नाथ और बिजली महादेव का मंदिर शामिल हैं।यहां स्थित बशेश्वर मंदिर भी लोगों को खूब भाता है।वाटर राफ्टिंग का मजा लेने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान बेहद खास है क्योंकि यहां ब्यास नदी बहती हैं। ब्यास नदी के मौजूद होने के कारण यहां आने वाले पर्यटक व्हाइट वाटर राफ्टिंग का मजा आसानी से ले सकते हैं।  सबसे खास बात यह है कि गर्मियों के दौरान शहर के पास कैम्पिंग के लिए रिलैक्सेशन प्वाइंट बनाए जाते हैं।भुंतर आने वाले पर्यटक इस रिलेक्सेशन प्वाइंट को प्राप्त करने मात्र से ही ट्रिप का मजा दोगुना महसूस करने लगते हैं। भुंतर में दूर दराज से लोग घूमने के लिए आते रहते हैं साथ ही यहां बजौरा गांव से भी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है।है।

बशेश्वर महादेव मंदिर 

भुंतर के आसपास स्थित यह एक बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। साधारण नक्काशीदार समतल शिकारा और चमत्कारी मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर भव्य और दिव्य मंदिरों में से एक है। इसकी लोकप्रियता के कारण इस मंदिर को विशेश्वर महादेव मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। भुंतर के शहर जाने पर इस मंदिर का दर्शन करना लाजमी हो जाता है। यह मंदिर भुंतर हवाई अड्डे से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर है। मंदिर की भव्यता और दिव्यता देख यहां आने वाले पर्यटकों के पांव थम जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह कुल्लू के सभी मंदिरों में सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है।8वीं सदी में इस भव्य मंदिर का उद्गम हुआ था परंतु इसकी लोकप्रियता और प्रसिद्धि आज भी विश्व विख्यात है।

जगन्नाथ मंदिर

जगन्नाथ मंदिर एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है। भुंतर की सैर पर निकलने वाले पर्यटकों के लिए यह मंदिर एक खास स्थान के रूप में है।भुंतर ही नहीं अपितु हिमांचल प्रदेश के किसी भी जगह की सैर पर निकलने वाले पर्यटक इस भव्य धार्मिक स्थल का दर्शन करने जरूर आते हैं। सबसे हैरत की बात यह है कि यह मंदिर समुद्र तल से 5000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।यह धार्मिक स्थल कुल्लू के निकटतम एक शानदार पहाड़ी के दृश्य में नजर आता है।यह मंदिर भुवनेश्वरी देवी का स्वर्गीय निवास स्थान के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित भुंतर से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर है। मंदिर आने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि मंदिर के रास्ते खुले हुए हैं। यहां आने वाले पर्यटक इस दीप धार्मिक स्थल में सावधानी के साथ आस्था की डुबकी लगाते हैं।

हिमालय नेशनल पार्क 

कुल्लू के भुंतर इलाके में स्थित यह पार्क विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। पार्क विभिन्न प्रकार के जानवरों के लिए प्रसिद्ध है।इस पार्क का कोना कोना खूबसूरती से परिपूर्ण है। यहां बर्फ की सफेद चादर से ढकी चोटियां,भव्य ग्लेशियर,अल्पाइन घास के मैदान फूलों से ढके हुए,संग तथा संघ को धारी जंगलों को देखकर हर व्यक्ति का मन विचलित और आकर्षित हो जाता है। मन को शांति और दिल को सुकून देने वाला यह परिदृश्य ढूंढने से भी नहीं मिलता है। पार्क का यह बेहद खूबसूरत नजारा यहां आने वाले पर्यटकों के दिल को खूब भाता है। इस खूबसूरत पार्क को जवाहर लाल नेहरू ग्रेट इंडियन नेशनल पार्क के नाम से भी जाना जाता है।यहां भूरे भालू, काले भालू,रीसम मकाक, लंगूर, जंगली भेड़,और हिमालयन कस्तुर कस्तूरी मृग जैसे बेहद खूबसूरत जानवरों को देखा जा सकता है।यह बार चौमुखी विकसित पार्क है। यहां वादियों की खूबसूरती के आनन्द के साथ साथ जानवरों की प्रजातियों को देखने का भी सुनहरा मौका है।

कैसधर 

यह जगह एक खूबसूरत पिकनिक स्पॉट है।यह आकर्षण स्थान कुल्लू के भुंतर जिले में स्थित है।यहां का वातावरण बेहद ही मनभावन और असीम शांति प्रदान करने वाला है। कुल्लू भुंतर के सैर पर निकले पर्यटक अमूमन यही पिकनिक मनाते हैं। यहां देवदार के पेड़ और घास के मैदान अपनी खूबियों से यहां आने वाले पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं।यकीनन इस स्थान का अनुमान लगाना बेहद कठिन होता है,लगातार आने जाने वाले पर्यटक भी इस जगह के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं।

कैसे जाएं भुंतर 

भुंतर पहुंचना हवाई, रेल और सड़क तीनों मार्गों से सुगम है। भुंतर किसी भी रास्ते के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। 

यह एक खुशी की बात है कि हवाई मार्ग के जरिए जाने पर आपको किसी अन्यंत्र हवाई अड्डे पर भटकना नहीं पडता है क्योंकि भुंतर में ही 'भुंतर हवाई अड्डा' स्थित है। हवाई मार्ग का चयन करने पर भुंतर के सबसे निकटतम हवाई अड्डा 'भुंतर हवाई अड्डा' पर उतरना पड़ता है। यह हवाई अड्डा चंडीगढ़, धर्मशाला, नई दिल्ली और शिमला जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

रेल मार्ग के जरिए जाने पर भुंतर से सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन पठानकोट है। पठानकोट एक बहुत बड़ा रेलवे जंक्शन है इसका नेटवर्क पूरे उत्तर भारत में फैला हुआ है।पठानकोट रेलवे जंक्शन लखनऊ, जम्मू, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, नई दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग के जरिए हिमाचल प्रदेश राज्य बोर्ड परिवहन निगम तथा निजी यात्रा सेवाओं के माध्यम से भुंतर जाया जा सकता है। यह प्रमुख शहरों से अल्प दूरी पर ही स्थित है।