Kailash Mansarovar Yatra 2026: बिना Passport के दर्शन संभव, जानें Adi Kailash का पूरा Plan

  • अनन्या मिश्रा

Kailash Mansarovar Yatra 2026: बिना Passport के दर्शन संभव, जानें Adi Kailash का पूरा Plan
इस बार साल 2026 में कैलाश मनसरोवर की यात्रा को लेकर भक्तों के बीच में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए जाते हैं। आमतौर पर यह यात्रा चीन क्षेत्र में होने की वजह से वीजा और पासपोर्ट के जरिए से की जाती है। लेकिन भारत में एक रास्ता ऐसा है, जहां वीजा और पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है।

ऐसे में अगर आप भी इस बार बिना वीजा और पासपोर्ट के यह यात्रा करना चाहते हैं। तो ओम पर्वत और आदि कैलाश की यात्रा शानदार ऑप्शन है। लेकिन अगर आप वास्तविक कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करना चाहते हैं। तो वीजा और पासपोर्ट की जरूरत होगी।

बिना पासपोर्ट और वीजा यात्रा

आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा भारत सरकार द्वारा संचालित उत्तराखंड मार्ग से की जाती है। इस मार्ग पर श्रद्धालु बिना पासपोर्ट-वीजा के यात्रा के लिए जा सकते हैं।

भारत की सीमा के अंदर ही यह यात्रा पूरी तरह होती है।

यह मार्ग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से होकर जाता है।

इस यात्रा में श्रद्धालु आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन करते हैं।

यह यात्रा तिब्बत स्थित मुख्य कैलाश पर्वत नहीं बल्कि भारत में स्थित पवित्र स्थलों की यात्रा है।

क्या है आदि कैलाश

इसको 'छोटा कैलाश' भी कहा जाता है। यह स्थल भगवान शिव का एक पवित्र स्वरूप माना जाता है। यहां का आध्यात्मिक वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है।

जानिए ओम पर्वत का महत्व

इसकी खासियत यह है कि इसकी चोटी पर प्राकृतिक रूप से बर्फ से 'ऊँ' का आकार बनता है। यह दृश्य भक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र है।

कब शुरू होगी यात्रा

यह यात्रा आमतौर पर मई से सितंबर के बीच आयोजित होती है। जब मौसम अनुकूल होता है। साल 2026 के लिए ऑफिशियल डेट्स की घोषणा उत्तराखंड सरकार या फिर संबंधित पर्यटन विभाग द्वारा की जाएगी।

यात्रा के लिए क्या है पात्रता

उम्र 18 से 70 साल
भारतीय नागरिक होना चाहिए
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
वैध पहचान पत्र

मुख्य कैलाश मानसरोवर यात्रा

अगर कोई भक्त तिब्बत स्थित वास्तविक कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा करना चाहता है, तो उसको पासपोर्ट, मेडिकल टेस्ट, चीनी वीजा और विदेश मंत्रालय द्वारा चयन प्रोसेस से गुजरना होता है। आमतौर पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा यह यात्रा आयोजित की जाती है।