मिनी स्विजरलैंड के नाम से मशहूर हिमाचल प्रदेश का यह स्थान पर्यटन के लिहाज से बेहद है खूबसूरत

प्रकृति की सुन्दरता को अक्सर स्वर्ग के आभासीय दुनिया से तुलना की जाती है। पृथ्वी पर प्राकृतिक नजारों का दीदार करना किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता है। प्राकृतिक सुंदरता आँखों को सुकून के साथ साथ दिल में सुकून, मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।पृथ्वी के आकर्षित स्थानों का अवलोकन करने से मन की शांति और सौम्य बना रहता है। अमूमन घूमने वाले लोगों के मन में एक प्रश्न जरूर आता है कि पृथ्वी पे स्वर्ग भरे नजारों का अनुभव करने के लिए कहीं दूर जाना पड़ेगा परंतु ऐसा बिल्कुल नहीं है। हम आपको एक ऐसे स्थान के बारे में बता रहे हैं जो पृथ्वी पर किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यह मनोरम स्थान राजधानी दिल्ली से मात्र 10 घंटे की दूरी पर स्थित है।यहां घूमने के लिए परेशानी के आलम में भरे अपने जीवन से मात्र कुछ समय ही निकालना पड़ता है।आइये जानते हैं ऐसे ही एक आकर्षण स्थान को जिसे भारत का मिनी स्विजरलैंड के रूप में जाना जाता है।

खजियार डलहौजी के पास स्थित एक छोटा सा खूबसूरत शहर है।मिनी स्विजरलैंड के नाम से विख्यात यह स्थान भारत के राज्य हिमाचल प्रदेश की खूबसूरती को दोगुना कर देता है।खजियार में आने वाले पर्यटक यहां के हरे भरे वन, खूबसूरत तेज वेग से गिरते झरने, प्राकृतिक सुंदरता से ओतप्रोत यहां की झीलें और अन्य स्थानों का सलीके से दीदार किया जा सकता है। यह स्थान जंगल, झील और प्राकृतिक खूबसूरती के एक अनूठा संयोजन प्रदान करता है।राजपूतों मुगलों सहित कई साम्राज्यों को यह स्थान अपने आकर्षण से खूब प्रभावित किया है। नौ छेद वाले गोल्फ कोर्स के लिए जाने जाना वाला यह स्थान 6500 की ऊंचाई पर स्थित है। यह लुभावनी और हरियाली प्रदेश के मेल से बना खजियार एक छोटा सा पठार है। हाजिर में स्थित झील यहां के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले पर्यटकों का यह सबसे पसंदीदा झील है। यह स्थान प्राकृतिक खूबसूरती के साथ साथ आस्था की प्रतीक मंदिरों के लिए भी खूब प्रचलित है। यहां घास के हरे भरे मैदान, घने जंगल,खूबसूरत झीलें आदि पर्यटकों को रोमांच से भर देती हैं।

खजियार झील:

प्राकृतिक खूबसूरती और भव्यता से परिपूर्ण यह झील मनोरम और पर्यटकों के लिए लुभावनी है। यह हिमाचल प्रदेश के आकर्षित स्थानों में से एक है। यहां घूमने आए पर्यटकों के लिए यह स्थान बेहद खूबसूरत है। प्राकृतिक खूबसूरती का अनोखा नमूना प्रदर्शित करने वाला यह झील हरे भरे देवदार के जंगलों से घिरा हुआ है। मन की शांति के लिए आदर जगहों की तलाश में निकले पर्यटकों की तलाश यहां पूरी हो जाती है। यहां मन को असीम शांति प्राप्त होता है।

पंच पांडव वृक्ष:

हरे भरे वनों से लैस यह स्थान हरियाली का खूबसूरत नमूना प्रदर्शित करता है। पर्यटकों के लिए यह स्थान बेहद खूबसूरत है। यहां आए पर्यटक इस खूबसूरती को अवश्य अपने कैमरे में कैद करना चाहते हैं। खजियार झील के आसपास के घने देवदार जंगलों के अंदर स्थित पंच पांडव वृक्ष यहां का एक खूबसूरत नमूना है। पंच पांडव वृक्ष को यह विशिष्ट स्थानों में से एक का दर्जा प्राप्त है। इस पेड़ में 6 टहनियाँ है। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार ये 6 टहनियां पांच पांडव और द्रोपती का प्रतिनिधित्व करती हैं। यही कारण है कि लोग जिज्ञासा भरे मन से इस स्थान का अवलोकन करना चाहते हैं।पंच पांडव वृक्ष गांव से दूर एक विश्राम गृह के पास स्थित है। हिमाचल प्रदेश के शहर पर निकले पर्यटकों के लिए यहां अवश्य जाना चाहिए। यहां की हरियाली पर्यटकों का मन मोह लेती है। कैमरे में कैद यहां की तस्वीरें देखने मात्र से ही मन को शांति और दिल को सुकून मिल जाता है।

सुभाष बावली:

सुभाष बावली ऊंचे देवदार के पेड़ों के बीच का एक खूबसूरत जगह है। इस खूबसूरत जगह का नाम देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद बोस के नाम पर रखा गया है। इस स्थान की विशेषता और भव्यता बेहद ही खास है। यह स्थान डलहौजी से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्राकृतिक खूबसूरती और पर्वती आकर्षण से परिपूर्ण यह स्थान खजियार से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर है स्थित हैं। वनों की हरियाली के साथ साथ यहां पर्वतीय श्रृंखला, बर्फ की सफेद चादर से ढकी हिमालय की चोटियां इस स्थान की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। यहां के खूबसूरत मनोरम दृश्य को हर कोई अपने दिल और कैमरे में कैद कर लेता है। अक्सर पर्यटकों का यही मानना है कि स्थान मन को सुकून शान्ति प्रदान करने का अनोखा स्थान है। यही कारण है कि यहां आने वाले पर्यटकों की भारी भीड़ जमा रहती है।

कैसे जाएं खजियार 

खजियार दिल्ली से महज 10 घंटे की दूरी पर स्थित है। यहां वायु, रेल और सड़क तीनों मार्ग से जाया जा सकता है। दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के लिए बसें और कैब आसानी से उपलब्ध है। खजियार के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है।खजियार चंबा या डलहौजी से महज आंधे घंटे की दूरी पर है। खजियार तक पहुंचने के लिए आप शिमला तक रेल और हवाई मार्ग से भी जा सकते हैं। इसके बाद आगे के लिए आपको बस या टैक्सी लेनी होगी।