Travel Tips: समंदर की लहरों में छिपी है नीली रोशनी, इन Beaches पर Bioluminescence देखने का ये है Best Time

क्या आपने श्रद्धा कपूर की फिल्म 'एक विलेन' देखा है। अगर आपने यह फिल्म देखी होगी, तो आपको वह सीन जरूर याद होगा, जिसमें श्रद्धा एक बीच के किनारे जाती हैं, जहां पर उनको चमकता हुआ समंदर दिखता है। यह समंदर नीले जुगनुओं की तरह चमकते हुए नजर आते हैं। साइंस की भाषा में इसको बायोलुमिनेसेंस कहा जाता है। बता दें कि यह बहुत छोटे समुद्री जीवों के केमिकल रिएक्शन से नीली रोशनी पैदा होती है। जो समुद्र को जुगनुओं की तरह चमका देती है।

ऐसे में अगर आपके मन में भी इस खूबसूरत नजारे को देखने की इच्छा है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप भारत में कहां पर बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं।

हैवलॉक द्वीप

अगर आप बायोलुमिनेसेंस का सबसे बेहतरीन और सबसे साफ नजारा देखना चाहते हैं। तो आपको अंडमान के हैवलॉक द्वीप जाना चाहिए। यहां का फेमस राधानगर बीच रात के समय किसी दूसरी दुनिया में होने का एहसास दिलाता है। जब समुद्र की लहरें रेत से टकराती हैं, तो पानी में मौजूद छोटे जीवों की वजह से किनारों पर नीली रोशनी बिखर जाती है। वहीं अमावस्या की रात में जब आसमान में अंधेरा होता है, तो यह नजारा बेहद खूबसूरत लगता है।

मट्टू बीच

कर्नाटक के उडुपी में स्थित मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां पर भी आप बायोलुमिनेसेंस का नजारा देखने के लिए आ सकते हैं। मॉनसून के बाद यहां के समंदर में रात के समय नीली रोशनी को जगमगाते देख सकते हैं। पर्यटकों की भीड़ से यह बीच काफी दूर है। इसलिए यहां का सन्नाटा और अंधेरा बायोलुमिनेसेंस के नजारे को ज्यादा खूबसूरत और साफ बना देता है।

पुडुचेरी

पुडुचेरी के सेरेनिटी बीच और इसके आसपास के तटीय इलाकों में भी आप बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं। खासतौर पर मॉनसून के बाद या फिर भारी बारिश के बाद समंदर के तापमान में बदलाव आता है। वहीं इस दौरान पानी में फाइटोप्लैंकटॉन्स की संख्या भी बढ़ जाती है। इससे रात को समंदर का पानी नीली रोशनी से जगमगा उठता है।

बंगाराम द्वीप

बायोलुमिनेसेंस देखने के लिए आप लक्षद्वीप के बंगाराम द्वीप भी जा सकते हैं। यहां पर आपको भीड़ काफी कम होती है और यहां पर ज्यादा आर्टिफिशियल लाइट्स भी नहीं हैं। इसलिए रात को नीले रंग की रोशनी में चमकता हुआ समुद्र देखने में बेहद खूबसूरत रहता है।

इस बातों का ध्यान रखें

हालांकि बायोलुमिनेसेंस पूरी तरह से पानी के तापमान, मौसम और समुद्र की स्थिति पर भी निर्भर करती है। इसलिए इसको देखने जाने से पहले अच्छे से रिसर्च कर लें। जिससे कि वहां जाने के बाद आपको निराश न होना पड़े।